Ghaghra River: उत्तर प्रदेश के बहराइच में पहाड़ी पानी से बढ़े घाघरा के जलस्तर से मिहीपुरवा तहसील के सुजौली-और जंगल गुलरिया के काफी मजरे बाढ़ से प्रभावित हो गए हैं, जिसकी जानकारी होते ही एडीएम अमित कुमार और एसडीएम मिहीपुरवा मोनालिसा जौहरी व सीओ मिहीपुरवा पहुंच सिंह ने ट्रेक्टर पर सवार होकर बाढ़ गस्त इलाके का जायजा लिया प्रशासन पूरी तरह अलर्ट घाघरा नदी के बढ़े जलस्तर से तहसील मिहींपुरवा के सुजौली क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। एसडीएम मिहींपुरवा मोनालिसा जौहरी व एडीएम अमित कुमार ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का संयुक्त निरीक्षण किया और बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों का हालचाल लिया, वहीं राहत एवं बचाव कार्यों की जमीनी हकीकत परखी। सुजौली के पांच मजरे तथा जंगल गुलरिया के मजरे बाढ़ की चपेट में हैं। प्रभावित गांवों की कुल आबादी करीब 6277 है। राहत की बात यह है कि फिलहाल आबादी क्षेत्र प्रभावित हुआ है, जबकि कृषि क्षेत्र प्रभावित नहीं हुआ है। पानी में उतरीं एसडीएम बाढ़ की सूचना मिलते ही संवेदनशील एसडीएम मोनालिसा जौहरी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्वयं पानी में उतरकर प्रभावित क्षेत्र का जायजा लिया और ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों एवं कर्मचारियों से पल-पल की जानकारी देते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।एसडीएम की संवेदनशीलता और सक्रियता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वह केवल कार्यालय स्तर से निगरानी तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि मौके पर पहुंचकर स्वयं प्रत्येक परिस्थिति का जायजा लेती रहीं। मेडिकल टीम भी साथ किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। मेडिकल टीम को भी साथ लेकर पहुंचीं एसडीएम बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों के स्वास्थ्य को लेकर भी प्रशासन ने विशेष सतर्कता बरती है। एसडीएम मोनालिसा जौहरी मेडिकल टीम को साथ लेकर बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में पहुंचीं, ताकि ग्रामीणों के स्वास्थ्य की स्थिति की जानकारी ली जा सके और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई जा सके। ये भी पढ़ें: घाघरा का बढ़ता जलस्तर बना चिंता का सबब! खेत-खलिहान डूबे, तटीय गांवों में प्रशासन अलर्ट